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बाल मजदूरी नन्हीं जान भीख मांगने आदि के शिकार हो रहें हैं ये कविता उन्हीं बच्चों के मुख से कहे गए शब्द हैं। शोषण गुम होता बचपन सरकार बच्चे हिन्दी कविता बाल-मजदूरी मजबूरी 52weekswritingchallenge hindikavita शिक्षा समाज जिम्मेदारी मेहनत मासूमियत बचपन सामाजिक समस्या हिन्दीकविता

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